चीन ने युन्नान में धरती के नीचे मिला दुर्लभ खनिज भंडार,इलेक्ट्रिक वाहन और रक्षा क्षेत्र को मिलेगी मजबूती

बीजिंग
 चीन में दुर्लभ खनिज तत्वों (रेयर अर्थ एलिमेंट) का एक बड़ा भंडार मिला है। इसे चीन में मिला मध्यम और भारी खनिज का सबसे बड़ा भंडार माना जा रहा है। इससे चीन को इलेक्ट्रिक वाहनों और रक्षा क्षेत्र के लिए जरूरी खनिजों के उत्पादन में मदद मिलेगी। जनवरी में इस खोज के बारे में पहली बार जानकारी सामने आई थी। इसके बाद चीन के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (CGS) ने इसकी जांच करते हुए अब इस भंडार की पुष्टि कर दी है। चीन के युन्नान प्रांत में ये खोज हुई है। यह प्रांत खनिजों से भरपूर है। यहां एल्यूमीनियम, जस्ता और टिन के बड़े भंडार हैं।

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CGS के अनुसार इस भंडार में 1.15 मिलियन टन तक संसाधन हो सकते हैं। इनसे 470,000 टन खनिज निकाले जा सकते हैं। इसमें प्रमुख दुर्लभ तत्व प्रेजोडियम, नियोडिमियम, डिस्प्रोसियम और टेरबियम भी शामिल हैं। ये खनिज काफी महंगे हैं और इनकी वैश्विक स्तर पर बहुत मांग है। जाहिर कि इससे चीन का कई क्षेत्रों में दबदबा बढ़ जाएगा।

चीन को होगा बड़ा फायदा

चीनी मीडिया का कहना है कि यह खोज खनिज अन्वेषण (मिनरल एक्सपलोरेशन) में एक बड़ी सफलता है। ऐसे भंडार में दुर्लभ पृथ्वी खनिज प्राकृतिक रूप से जमा होते हैं और मिट्टी की सतह पर अवशोषित होते हैं। इससे 'आयन एक्सचेंज' जैसे पर्यावरण के अनुकूल तरीकों से उन्हें जमीन से निकालना आसान होता है। इससे पहले इस तरह की आखिरी खोज 1969 में पूर्वी चीन के जियांग्शी प्रांत में हुई थी।

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CGS के विशेषज्ञों के अनुसार, इस नए भंडार में मुख्य रूप से मध्य और भारी दुर्लभ पृथ्वी खनिज हैं। ये सब इलेक्ट्रिक वाहनों, रिन्यूबल एनर्जी और रक्षा सुरक्षा उपकरणों के लिए जरूरी कच्चा माल हैं। चीन को यह विशाल दुर्लभ भंडार हाल ही में स्थापित राष्ट्रीय भूरासायनिक बेसलाइन नेटवर्क के बाद मिला है। यह नेटवर्क व्यापक डेटा तैयार करने और खनिज अन्वेषण तकनीकों को बेहतर करने के लिए है।

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एक्सपर्ट का कहना है कि चीन की खोज से दुर्लभ पृथ्वी खनन के क्षेत्र में दुनिया में स्थिति और मजबूत होगी, जहां वह पहले ही अपना दबदबा रखता है। एशिया की बड़ी ताकत चीन के पास करीब 60 फीसदी दुर्लभ पृथ्वी उत्पादन और 85 प्रतिशत प्रसंस्करण क्षमता पर नियंत्रण है। साल 2023 तक चीन का कुल खनन उत्पादन 240,000 टन था, जो दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका से छह गुना ज्यादा है।

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